2017

माउंट आबू – ज्ञान सरोवर : खेल प्रभाग के अखिल भारतीय सम्मेलन का ​उद्घाटन –

ज्ञान सरोवर ( आबू पर्वत ),०६ मई २०१७ । आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था ,​​खेल प्रभाग के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मलेन का मुख्य विषय था -“उत्कृष्ठ प्रदर्शन के लिए मानसिक पूरक ” . इस सम्मलेन में बड़ी संख्या में प्रतिनिधिओं ने भाग लिया . दीप प्रज्वलित करके इस सम्मेलन का ​​उद्घाटन सम्पन्न हुआ।sports4

ब्रह्मा कुमारीस खेल प्रभाग की उपाध्यक्ष राजयोगिनी शशि ने कहा कि मन को जान ने की जरूरत है। मन को जानकार हम मन को अपने नियंत्रण में रखते हैं। मन विचारों के उत्पादन का सोर्स है। अपने आतंरिक विचारों को या सोच को ऊंचा रखना है हमेशा। कामजोर विचार हमें विफलता दिलाते हैं। ऊंचे विचार सफलता दिलाते हैं। आतम विश्वास से हम आगे बढ़ जाते हैं। मन को दोस्त बना लीजिये। मगर कैसे ?? मन के अंदर हमेशा श्रेष्ठा चिंतन चाहिए। दिन में ५ बार अभ्यास करें कि मैं अजेय हूँ – आत्मा हूँ। आत्मिक चिंतन से मन शांत और एकाग्र हो जायेगा। इस एकाग्रता की शक्ति से आपको विजय श्री मिलेगी। शांति का यह अभ्यास आपको असीमित बल प्रदान करेगा।

Sports Wing Conference 5th May to 9th May 2017

खेल प्रभाग की राष्ट्रीय समन्वयक राजयोगिनी कुलदीप (शांति सरोवर ,हैदराबाद ) ने आज के अवसर पर कहा कि चिंतातुर होकर बढ़िया प्रदर्शन संभव नहीं है। बढ़िया प्रदर्शन के लिए मानसिक शांति की और ध्यान के अभयास की जरूरत पड़ती है। वह कैसे किया जाता है – यह जानने की जरूरत है। हमारे लिए हर कुछ संभव है। मन की एकाग्रता से असंभव भी संभव हो जाता है। राजयोग मन की एकाग्रता की शक्ति का विकास करता है। इससे मन की शक्ति बढ़ जाती है। मन की शक्ति को प्रबल बना कर हमें सफलता मिलती रहेगी।

द्रोणाचार्य अवार्ड प्राप्त महावीर सिंह फोगट ने कहा कि यहां आने पर मुझमें काफी ऊर्जा का संचार हुआ है और मैं अगले ओलिंपिक में दो -तीन गोल्ड लेकर आवूंगा। मैं इस प्रकार से तैयारी करवाऊंगा अपने खिलाड़ियों की। अनुशासन और कड़ी मेहनत से सफलता मिलेगी। अगर सरकार का थोड़ा सहयोग मिलता रहा तो मैडल के मामले में हम किसी से भी पीछे नहीं रहेंगे।

ओलिंपिक मैडल प्राप्त साक्षी मालिक के कोच ईश्वर सिंह दहिया जी ने कहा कि कर्म द्वारा दिखाना अधिक कारगर होता है – बोलने की तुलना में। मुझे अपने कर्म से दिखाना है।
आपने कहा कि मुझे यहां से काफी प्रेरणा मिली है। वही प्रेरणा दुबारा प्राप्त करने के लक्ष्य से मैं फिर यहां आया हूँ। देश के लिए मैं कुर्बानी दूंगा। देश के बच्चों को तैयार करता रहूंगा -प्रेरणाएं देता रहूंगा।

राष्ट्रपति द्वारा पुलिस पदक प्राप्त डॉक्टर दिनेश कुमार शुक्ल जी ने कहा कि मेरे लिए आज ख़ुशी की बात है की मैं इस सम्मलेन में आ पाया हूँ। यह सम्मेलन हमारी मानसिक ताकत को बढाता है और सफलता दिलाता है। मन की चंचलता को रोकने के लिए राजयोग की विधा काफी कारगर है। इसका प्रयोग करें और सफलता पाएं।

भारतीय स्केटिंग टीम के कोच वीरेश यामा ने कहा कि जीत की भूख आपके मन में होती है। उस भूख को समाप्त होने मत दीजिये। मैं यहां वही मन की ताकत को जानने के लिए आया हूँ। मन की ताकत का विवरण देते हुए अपने पुत्र अनूप की स्केटिंग की विजय गाथा बताई जो रोमांचक थी। ऐसा अनूप ने अपनी मानसिक शक्ति के आधार पर कर दिखाया।

भारतीय नेवी के कप्तान त्रिभुवन जायसवाल ने कहा कि राजयोग की शिक्षा ने मेरे मन में यह बात डाली कि हाँ , इससे फ़र्क़ पड़ता है। यह इतना वैज्ञानिक है की यह आपकी मन की ताकत को काफी बढ़ाता है। ब्रह्मा कुमारीस ने मन के सशक्तिकरण में महारत हासिल कर ली है – ऐसा मेरा पूर्ण विश्वास है। अपने अनुभवों को साझा करते हुए आपने बताया की की मन को शांत करके प्रतियोगिता में भाग लेने से लोगों को गोल्ड मेडल प्राप्त हुआ है। मन की शांति और एकाग्रता के लिए राजयोग से उत्तम और कोई दूसरा साधन हो नहीं सकता।

ब्रह्माकुमारीज़ खेल प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बी के जगबीर ने पावर पॉइंट के माध्यम से बताया कि ब्रह्मा कुमारीस खेल के लिए क्या योगदान दे रही हैं ?
ब्रह्मा कुमारीस के द्वारा भारत के विभिन्न स्थानों पर योग कैंप आदि आयोजित किये जाते हैं। आयी ओ सी के टास्क फ़ोर्स द्वारा भी ब्रह्मा कुमारीस के योग कैंप की सराहना की गयी है और सहयोग भी लिया गया।