खिलाडियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आरंभ

Mount Abu-​ज्ञान सरोवर में

Mount Abu-​ज्ञान सरोवर में खिलाडियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आरंभ

नकारात्मक विचार ढकते हैं सफलता के सूर्य को
​​ज्ञान सरोवर में खिलाडियों के लिए राष्ट्रीय सम्मेलन आरंभ

माउंट आबू,५ मई। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के ज्ञान सरोवर अकादमी परिसर में शनिवार को संगठन के खेल प्रभाग के बैनर तले खेलों में उच्च प्रदर्शन के लिए राजयोग मेडिटेशन की भूमिका विषय पर तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का शुभारंभ अतिथियों ने दीप प्रज्जवल के साथ किया।
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Sports wing Conference from Gyansarovar

उदघाटन सत्र को संबोधित करते हुए गुजरात विधानसभा के मुख्य सचेतक भरत सिंह डाबी ने कहा कि नकारात्मक विचार ही सफलता के सूर्य को ढक देते हैं। राजयोग के परिणाम समाज के हर वर्ग में सार्थक हो रहे हैं। जिसके तहत सकारात्मक बदलाव के कदम तेज होने लगे हैं। मन की बिखरी हुर्ई संकल्प शक्ति को नियंत्रित करने में राजयोग अहम भूमिका अदा करता है। ध्यान, ज्ञान से खिलाडिय़ों का मनोबल बढ़ता है। यह एक संजीबनी बूटी की तरह कार्य करता है। संगठन द्वारा विश्व भर में राजयोग प्रशिक्षण शिविर समाज को नई दिशा दे रहे हैं। माउंट आबू के इस ज्ञान सरोवर परिसर में अलौकिक ऊर्जा का प्रवाह अनुभव हो रहा है। मेरा विश्वास है कि राजयोग के अभ्यास से खिलाडिय़ो में आत्मविश्वास बढ़ेगा और भारत खेल के क्षेत्र में भी विश्व में अग्रणी बनेगा।

अर्जुन अवार्ड से सम्मानित भारतीय खेल प्राधिकरण पावर लिफ्टिंग के कोच आर.एस. राहेलू ने कहा कि संकल्प शक्ति को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। संकल्प से बहुत बड़े ते बड़े कार्य किये जा सकते हैं। खेल के मैदान में मन को अचल अडोल रखने के लिए ब्रह्माकुमारी संगठन के मंच से जो राजयोग के अचूक सूत्र मिल रहे हैं वे खिलडिय़ों की सफलता में चार चांद लगा देंगे।

तेलगांना खेल प्राधिकरण उपाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक ए. दिनकर बाबू ने कहा कि संतुलित खानपान, अनुशासन व मेहनत खिलाड़ी के श्रृंगार हैं। जो उसमें लचीलापन, आत्मजागृति व सुसंवाद की समझ को बेहतर करते हैं।

संगठन के महासचिव बीके निर्वैर ने कहा कि परमात्म शक्ति से खिलाड़ी जीवन के हर क्षेत्र में अपने प्रदर्शन की उच्च गुणवत्ता को कायम रख सकता है। हर क्षेत्र में कायमाबी का आधार ऊंच मनोबल है। सकारात्मक संकल्प मन में नई ऊर्जा का संचार करते हैं।

खेल प्रभाग अध्यक्ष बसवराज राजऋषि ने कहा कि विश्व रंगमंच भी एक खेल है। इस रंगमंच पर श्रेष्ठ से श्रेष्ठ भूमिका अदा करने के लिए भगवान की शिक्षा को अपनाना महत्वपूर्ण धारणा है।

गुजरात वडनगर, भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष कमलेश त्रिवेदी ने कहा कि अध्यात्म के माध्यम से मानवता की सेवा करने का संगठन की ओर से जो कार्य किया जा रहा है नि:संदेह ही इस भगीरथ व नि:स्वार्थ सेवा भाव से ही समूचे विश्व में शांति स्थापित होगी।

खेल प्रभाग उपाध्यक्ष बीके शशि बहन ने कहा कि किसी भी टीम में एकता का आधार आपसी तालमेल होता है। खिलाड़ी को विनम्र बनकर हर समय सीखते रहना चाहिए। ऊंच मनोबल से खिलाड़ी विपरीत परिस्थितियों में भी अपनी आत्मिक शक्तियों को कार्य में लगाने की महारत हासिल कर लेता है। आत्मचिन्तन की कला से खिलाड़ी के मन की नकारात्मक ऊर्जा समाप्त हो जाती है।

खेल प्रभाग मुख्यालय संयोजक बीके जगबीर ने कहा कि राजयोग के जरिए सुप्रीम माइंड परमात्मा से ह्ययूमेन माइंड को जोडऩा होता है। जिस जोड़ से मन में असीम शक्तियों की ऊर्जा जमा होती है।

करनाल से बीके मेहरचंद, बीके मोहन, अहमदाबाद से आई राजयोग प्रशिक्षका बीके नंदिनी बहन ने भी विचार व्यक्त किए।

माउंट आबू। दीप प्रज्जवलित कर खेल प्रभाग सम्मेलन का शुभारंभ करते अतिथिगण।
माउंट आबू। उदघाटन सत्र को संबोधित करते वक्तागण। माउंट आबू। कार्यक्रम में उपस्थित सहभागी।

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प्रेस विज्ञप्ति -2

ब्रह्मा कुमारियाँ राजयोग के प्रशिक्षण से संवार रही हैं खिलाड़ियों का प्रदर्शन : चीफ व्हिप ,गुजरात विधान सभा, भारत सिंह

ज्ञान सरोवर ( आबू पर्वत ) ०५मई २०१८।

आज ज्ञान सरोवर स्थित हार्मनी हॉल में ब्रह्माकुमारीज एवं आर ई आर एफ की भगिनी संस्था, खेल प्रभाग, के संयुक्त तत्वावधान में एक अखिल भारतीय खेल सम्मेलन का आयोजन हुआ। सम्मलेन का मुख्य विषय था -“खेलों में उच्च प्रदर्शन के लिए राजयोग की भूमिका ” . इस सम्मलेन में भारत वर्ष के विभिन्न प्रदेशों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधिओं ने भाग लिया . दीप प्रज्वलित करके इस सम्मेलन का उद्घाटन सम्पन्न हुआ।

ब्रह्मा कुमारीस खेल प्रभाग के अध्यक्ष राजयोगी बसवराज राजऋषि ने आज के अवसर पर अपने उदगार इस रूप में प्रकट किये। आपने कहा की आप सभी खिलाडी यहां से राजयोग सीख कर अपने खेल को नया आयाम देंगे। सबसे बड़ा खिलाडी है परमेश्वर परमात्मा। हम सभी उस सबसे बड़े खिलाडी से आशीर्वाद प्राप्त करके जिस भी ऊंचाई पर जाना चाहें – वहाँ जा पाएंगे।
खेल के क्षेत्र में किसी भी प्रकार का कोई भेद भाव नहीं है। यह बड़ी बात है। आपको आज यहां गॉडली मैडल तो मिल ही गया है और गोल्ड मैडल तो आपको प्राप्त हो ही जायेगा।

गुजरात विधान सभा के चीफ व्हिप भारत सिंह जी ढाबी ने मुख्य अतिथि के रूप में अपने उदगार प्रकट किये। आपने कहा की ज्ञान सरोवर में मुझे प्रवेश के साथ ही ईश्वरीय शक्ति की अनुभूति हुई है। यह विश्वविद्यालय खिलाड़ियों के जीवन में में तेज़ भरने के लिए राजयोग का अभ्यास करवाता है। यहां जो मेरा सम्मान हुआ है उसके लिए मैं सभी का हृदय से आभारी हूँ।

ब्रह्मा कुमारीस खेल प्रभाग की उपाध्यक्षा राजयोगिनी शशि दीदी ने आज के अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में अपने उदगार प्रकट किये। आपने कहा की खेलों में उच्च प्रदर्शन के लिए ईमानदारी जरूरी है। आलोचना करने के बदले हमें जमकर अभ्यास करने की जरूरत है। साथ ही हमें अपने अंदर की शक्ति को भी पहचानने की जरूरत है। वह है शरीर का संचालन करने वाली आत्मा। आत्मा से ही आती है मानसिक ताकत। खिलाड़िओं को अपना गोल अर्थात लक्ष्य सदा याद रहना चाहिए। लक्ष्य से भटकने से कमजोरी घर कर लेती है। खिलाड़ियों को जीवन में विनम्रता भी चाहिए। आपने अंग्रेजी के शब्द हाई के चारों अक्षरों एच् ,आई ,जी और एच को विस्तारित किया और उसे स्पष्ट किया।

तेलंगाना खेल प्राधिकरण के उपाध्यक्ष और प्रबंध निदेशक ए दिनकर बाबू , भाप्रसे , ने विशिष्ठ अतिथि के रूप में अपनी बातें रखीं। आपने कहा की इस ईश्वरीय परिवार में आज खेल का यह सम्मेलन राजयोग के प्रचार और प्रसार के लिए आयोजित किया जा रहा है। यह शुभ भावना और कामना से भरा हुआ एक सम्म्मेलन है। ऐसे अवसर जीवन में बार बार नहीं आते। आज आये हैं और मैं इस अवसर पर खिलाड़ियों से कहना चाहता हूँ कि शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार की शक्तियों को जमा करके ही हमें खेल की दुनिया में सफलता मिलेगी। योग और ध्यान के अभ्यास से खिलाड़ियों को भरपूर सफलता मिलती है। सभी खिलाड़ियों को राजयोग का गंभीर अभ्यास करना चाहिए। साथ ही साथ उनको अपने खान पान – आराम – शयन – अनुशासन का भी पूरा पूरा ध्यान रखना होगा। सभी मिलकर ही सफलता प्राप्त होती है।

भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी वडनगर (गुजरात ) के अध्यक्ष कमलेश भाई त्रिवेदी ने मान्य अतिथि के रूप में आज के अवसर पर कहा की यह विश्व विद्यालय १३४ देशों में सेवाएं दे रहा है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भी यह संस्थान अपनी सेवाएं दे रहा है। पूरी दुनिया को शांति सम्पन्न बनाने के लिए यह संस्थान लगातार प्रयत्न शील है।

अर्जुन अवार्ड प्राप्त आर एस रहेलु , पारा ओलिम्पियन, ने कहा की यह एक अलौकिक और अद्भूत स्थल है। मैंने यहां यह महसूस किया की ध्यान के अभ्यास से किसी भी खिलाडी की योग्यता में बढ़ोतरी हो जाती है। मैं खुद भी एक खिलाडी के रूप में इसका अभ्यास करेंगे और अन्य खिलाड़ियों को भी इसका अभ्यास कराएँगे।

ब्रह्मा कुमारीस खेल प्रभाग के मुख्यालय संयोजक बी के जगबीर भाई ने सम्मेलन के बारे में स्पष्टीकरण दिया और कहा की राजयोग मैडिटेशन के अभ्यास से खेल में काफी परिवर्तन आ सकता है। अभी हंगरी में हमारे खिलाडियों ने साइलेंट मैडिटेशन के अभ्यास से वहाँ २ गोल्ड मैडल और एक ब्रोंज मैडल प्राप्त कर लिया। राजयोग से मानसिक परेशानियों से मुक्ति मिल जाती है। आप शांति से अपने खेल पर ध्यान दे पाते हैं और सफल हो जाते हैं।
शांति पूर्वक भोजन ग्रहण करना और शांति से खेलों का अभ्यास करना काफी कारगर हो जाता है। योगेश्वर दत्त ने इसी रजयोगा के अभ्यास से कुश्ती का गोल्ड मैडल जीत लिया था। आज की तारीख में ब्रह्मा कुमारीस का राजयोग प्रशिक्षण अनेक स्थानों पर सुलभ है।

पंजाब जोन के खेल प्रभाग के संयोजक मेहर चंद जी ने सभी अतिथियों का आभार प्रकट किया।

राजयोगिनी नंदिनी बहन ने मंच संचालन किया। मधुर वाणी ग्रुप ने सुन्दर गीत प्रस्तुत किया। अमदाबाद से पधारी बी के राधिका ने नृत्य प्रस्तुत किया।

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